प्रभु राम तो प्यार के भूखे खाकर वो संतुष्ट हुए। प्रभु राम तो प्यार के भूखे खाकर वो संतुष्ट हुए।
प्रभु को ह्रदय में धारण कर योगाग्नि से शरीर जलाया। प्रभु को ह्रदय में धारण कर योगाग्नि से शरीर जलाया।
विनती करूं मैं नाथ,दर पे टिका के माथ, एक क्षण मुझे भी निहारो मेरे राम जी। विनती करूं मैं नाथ,दर पे टिका के माथ, एक क्षण मुझे भी निहारो मेरे राम जी।
तन के मैल को खूब मला तूने, मन का मैल न धो पाया! तन के मैल को खूब मला तूने, मन का मैल न धो पाया!
राम का दरबार, राम की गाथा, सबकी आँखें नम, चेहरा मौन है, राम का दरबार, राम की गाथा, सबकी आँखें नम, चेहरा मौन है,
ज्वालामुखी घावों का बहने लगता है लावा ज्वालामुखी घावों का बहने लगता है लावा